Editor dr Mukesh Patel : लोकायुक्त का सख्त एक्शन: रिश्वतखोरी पर प्रहार, महिला बाल विकास पर्यवेक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार
Mukesh Dhanvare
Fri, Apr 24, 2026
लोकायुक्त का सख्त एक्शन: रिश्वतखोरी पर प्रहार, महिला बाल विकास पर्यवेक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार
नया हरसूद- प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत लोकायुक्त संगठन इंदौर ने एक और प्रभावी कार्रवाई करते हुए महिला बाल विकास विभाग की एक पर्यवेक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देशों के अनुरूप की गई, जिनके नेतृत्व में भ्रष्टाचार के मामलों पर लगातार सख्ती बरती जा रही है।
मामले की पृष्ठभूमि
प्रकरण खालवा क्षेत्र के सेक्टर लखनपुर बंदी से जुड़ा है, जहां पदस्थ पर्यवेक्षक श्रीमती संतोष कोचले द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता किरन वाड़िबा (ग्राम पलासपुर) से नियुक्ति के बदले 50,000 रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही थी। आवेदिका पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे परेशान होकर उन्होंने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई।
सत्यापन और रणनीति
शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में मामले का गोपनीय सत्यापन कराया गया। जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई। इसके बाद एक योजनाबद्ध रणनीति के तहत ट्रैप दल का गठन किया गया, जिसमें अनुभवी अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया गया।
ट्रैप कार्रवाई का विवरण
दिनांक 24 अप्रैल 2026 को लोकायुक्त की टीम ने ग्राम पंचायत रोशनी में जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार आवेदिका द्वारा रिश्वत की पहली किस्त 4,000 रुपए आरोपी को दी गई। जैसे ही आरोपी ने राशि स्वीकार की, मौके पर मौजूद ट्रैप दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए श्रीमती संतोष कोचले को रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान पूरी प्रक्रिया को विधिसम्मत तरीके से अंजाम दिया गया और मौके से रिश्वत की राशि भी जब्त कर ली गई। इसके साथ ही आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
कानूनी कार्रवाई
आरोपिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस अधिनियम के तहत रिश्वत लेना और उसकी मांग करना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है।
ट्रैप दल की भूमिका
इस सफल कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक श्रीमती प्रतिभा तोमर ने नेतृत्व किया। टीम में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आदित्य सिंह भदौरिया, आरक्षक शैलेंद्र सिंह बघेल, चेतन सिंह परिहार, कृष्णा अहिरवार, महिला आरक्षक प्रियंका लोधी एवं अनीता प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी सदस्यों ने समन्वय और सतर्कता के साथ ऑपरेशन को सफल बनाया।
लोकायुक्त की अपील
लोकायुक्त संगठन ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी भी प्रकार की रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी शिकायत तुरंत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में करें। शिकायतकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है और त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
समाज पर प्रभाव और संदेश
यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही यह आम नागरिकों को भी जागरूक करती है कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और गलत मांगों के खिलाफ आवाज उठाएं।
आज जब शासन पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है, ऐसे में लोकायुक्त की इस तरह की कार्रवाइयां व्यवस्था में विश्वास को और मजबूत करती हैं।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के विरुद्ध जारी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल दोषियों के लिए चेतावनी है, बल्कि ईमानदार व्यवस्था की ओर बढ़ते समाज का संकेत भी है।
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